Monday, February 29, 2016

10 भारतीय परंपराएं जो अनूठी होने के साथ उपयोगी भी हैं

भारत अपने आप में एक अनूठा देश है जहां हर चीज को धर्म और समाज के साथ जोड़ दिया गया है। हालांकि ऊपर से देखने पर इनका कोई विशेष महत्व नहीं दिखाई पड़ता परन्तु सूक्ष्म रूप से ये हमें मानसिक, शारीरिक तथा आध्यात्मिक रूप से प्रभावित करते हैं। इसी कारण से हमारे पूर्वजों ने कुछ ऐसे धार्मिक नियम बनाएं जो सामाजिक रूप से समाज में उपयोगी तो थे ही, साथ में हमारे शरीर पर भी उनका अच्छा असर होता है। आइए जानते हैं ऐसी ही 10 परम्पराओं के बारे में...

पुरुषों के सिर पर चोटी क्यों

यदि आप यह मानते हैं कि सिर्फ भारतीय पुरुष ही चोटी रखते हैं तो सबसे पहले यह जान लें कि अन्य एशियाई देशों यथा चीन, कोरिया तथा जापान में भी पुरुषों के सिर पर चोटी रखने की परंपरा है। इसके पीछे भी एक वैज्ञानिक कारण बताया जाता है। सुश्रुत ऋषि के अनुसार सिर हमारे सिर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां सहस्त्रार चक्र में शरीर की सभी नसें आकर मिलती है जिसे ब्रह्मरंध्र भी माना गया है। इसी ब्रह्मरंध्र को जागृत करने के लिए पुरुषों में शिखा बंधने की परंपरा शुरू हुई। शिखा रखने से मस्तिष्क का यह हिस्सा सक्रिय हो जाता है और हमारी शक्तियों को बढ़ा देता है।


हमें मंदिर जाकर भगवान की परिक्रमा क्यों करनी चाहिए

भारतीय मंदिरों को वास्तु के विशेष नियमों का पालन करते हुए बनाया जाता है। इसमें मंदिर के गर्भगृह (अथवा मूलस्थान) को इस प्रकार से बनाया जाता है कि वहां पर पृथ्वी की अधिकतम चुंबकीय ऊर्जा उत्पन्न हो सके। गर्भगृह में ही मूर्ति स्थापित की जाती है। साथ ही ईश्वर प्रतिमा के चरणों में तांबे से बने यंत्र, घंटियां, कलश आदि वस्तुएं स्थापित की जाती हैं। तांबा एनर्जी का सुचालक होने के कारण पृथ्वी की सकारात्मक ऊर्जा को प्रतिमा की तरफ आकर्षित करता है। इससे प्रतिमा के चारों तरफ आभामंडल बन जाता है। जब हम प्रतिमा के चारों तरफ परिक्रमा करते हैं तो यह शक्ति हमारे शरीर के अंदर भी प्रवेश करती है। हालांकि यह प्रक्रिया बहुत ही धीमे और अदृश्य रूप में होती है परन्तु लंबे समय तक किसी मंदिर में जाकर परिक्रमा करने पर इसका लाभ स्पष्ट अनुभव किया जा सकता है।



भारतीय व्रत क्यों करते हैं

आयुर्वेद में बताया गया है कि हमारा शरीर प्रकृति द्वारा बनाई गई स्वसंचालित मशीन है जो 24 घंटे, सातों दिन मृत्यु तक लगातार बिना रूके काम करती रहती है। हमारा पाचन संस्थान भी इसी का एक हिस्सा है। लगातार भोजन करने और उसे पचाने से हमारे पाचन संस्थान पर दबाव पड़ता है जिससे उसमें टॉक्सिक पदार्थ पैदा हो जाते हैं। सप्ताह में एक दिन व्रत करने पर हमारा पेट स्वयं ही इन पदार्थों को बाहर निकाल देता है जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। वैज्ञानिकों के अनुसार नियमित रूप से व्रत करने के कई फायदे हैं, शोध के अनुसार व्रत करने से कैंसर, कार्डियोवस्कुलर डिजीडेज, डायबिटीज, पाचन संबंधी बीमारियां दूर रहती हैं।



सुबह के समय सूर्य नमस्कार तथा सूर्य को अर्ध्य चढ़ाना

सूर्य नमस्कार करने के लिए कुछ नियम बताए गए हैं, यथा इसे सुबह ब्रह्म मुहूर्त में ही करना चाहिए। इसके पीछे भी कई वैज्ञानिक कारण हैं। सबसे पहला सुबह का समय ब्रह्ममूहूर्त माना जाता है इस समय मस्तिष्क की सक्रियता सर्वाधिक होती है, अत: इस समय किया गया कार्य अधिक एकाग्रता तथा मनोयोग से होता है जिससे उसमें सफलता की संभावना बढ़ जाती है। सुबह सूर्य को अर्ध्य चढ़ाते समय गिरते हुए जल से सूर्य के दर्शन करना हमारी आंखों के लिए अच्छा रहता है। इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके साथ-साथ सुबह के समय सूर्य नमस्कार करने से पूरे शरीर का योगाभ्यास हो जाता है तथा शरीर को दिन भर के लिए आवश्यक ऊर्जा शक्ति मिल जाती है।


हम चरण स्पर्श क्यों करते हैं

भारतीयों में अपने से बड़ों के चरण छूकर प्रणाम करने की परंपरा है, इसके प्रत्युत्तर में बड़े भी हमारे सिर पर अपना हाथ रखकर आशीर्वाद देते हैं। सबसे पहले तो इस तरह चरण छूने से हम अपने बड़ों के प्रति अपनी भावनाएं तथा आदर दिखाते हैं। इसके साथ ही जब हम अपने हाथों से उनके पैर छूते हैं तथा वो अपना हाथ सिर पर रखकर आशीर्वाद देते हैं तो यह तरह का प्राकृतिक सर्किट बन जाता है जिससे उनकी ऊर्जा का प्रवाह हमारे अंदर होने लगता है। उस समय हमारे हाथ की ऊंगलियां तथा सिर रिसेप्टर का कार्य करने लगती हैं तथा हम उनमें मौजूद जैविक ऊर्जा को ग्रहण करने लगते हैं। यही कारण है कि सभी लोग अपने से बड़े विशेष तौर पर साधु-संतों के चरण छूकर उनका आशीर्वाद लेना चाहते हैं।

हम तुलसी की पूजा क्यों करते हैं

तुलसी के पेड़ का आयुर्वेद में बहुत महत्व बताया गया है। इसकी पत्तियों में पारा होता है जिसके कारण इसमें बैक्टीरिया को मारने की क्षमता है। प्रतिदिन एक तुलसी का पत्ता खाने से शरीर स्वस्थ रहता है तथा छोटी-मोटी बीमारियों का शरीर पर असर नहीं होता। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि तुलसी के निकट सांप, मच्छर तथा मक्खियां जैसे हानिकारण जीवन नहीं आते। ऐसे में इसे घर में रखने पर जहां इन जीवों से बचाव होता है वहीं आवश्यकता पडऩे पर तुलसी की पत्तियों का उपयोग भी किया जा सकता है। परन्तु तुलसी की पत्तियों को कभी भी दांतों से नहीं चबाना चाहिए वरन उसे पानी के साथ निगल लेना चाहिए अन्यथा दांतों के खराब होने का खतरा बना रहता है।

हम पीपल की पूजा क्यों करते हैं

यदि उपयोग की दृष्टि पीपल का पेड़ आम व्यक्ति के लिए साधारण हो सकता है परन्तु आयुर्वेद के अनुसार इसका दवाईयों में बहुत प्रयोग होता है। परन्तु पीपल का पेड़ ही एक ऐसा पेड़ है जो रात में भी ऑक्सीजन का निर्माण करता है। पीपल के इसी गुण के चलते हिंदू इसे भगवानस्वरूप मानते हैं तथा इसकी पूजा करते हैं।

महिलाएं हाथों में चूडिय़ां क्यों पहनती हैं

हाथों की कलाई में नसों का जाल होता है जहां हाथ कर आदमी की धड़कन देखी जाती है। यहां पर सही तरह से दबाव देकर शरीर के रक्तचाप को नियमित किया जा सकता है। इसी कारण से औरतों के लिए चूडियां पहनना अनिवार्य किया गया। इससे कलाईयों पर चूडियों का घर्षण होता है और उनकी नसों पर दबाव पड़ता है फलस्वरूप उनका स्वास्थ्य ठीक रहता है।

विवाहित स्त्रियां मांग में सिंदूर क्यों भरती हैं

विवाहित स्त्रियों द्वारा मांग में सिंदूर भरने का कारण उनके वैवाहिक जीवन से जुड़ा हुआ है। सिंदूर को टर्मेरिक लाइम तथा पारे से मिलाकर बनाया जाता है। पारा जहां शरीर के ब्लडप्रेशर को नियमित करता है वहीं औरतों की कामेच्छा को भी उत्तेजित करता है। इससे मस्तिष्क का तनाव भी दूर होता है। इसी कारण से विधवाओं तथा कुंवारी महिलाओं के लिए मांग में सिंदूर लगाना निषेध किया गया है। परन्तु सिंदूर का पूरा फायदा उठाने के लिए ललाट के ठीक बीच में लगाना

हम नाक और कान क्यों छिदवाते हैं

भारतीय महिलाओं में प्रचलित इस परंपरा का संबंध पूरी तरह से शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। भारतीय चिकित्साशास्त्रियों के अनुसार कान और नाक की कुछ नसों का सीधे दिमाग के सोचने वाले प्रतिक्रिया करने वाले भाग से संबंध होता है। नाक-कान छिदवाने से दिमांग की इन नसों पर दबाव पड़ता है जिससे मस्तिष्क की अतिसक्रियता समाप्त होकर नियंत्रण में आती है।

घर में कभी नहीं रखनी चाहिए ये 6 चीजें

भारतीय वास्तु विज्ञान चाइनीज फेंगसुई से काफी मिलता-जुलता है। यह प्राकृतिक शक्तियों को मनुष्य के लिए उपयोगी बनाने का एक कलात्मक परंपरा है। हम अक्सर सुनते आए हैं कि घर में क्या रखना अच्छा होता है और क्या रखना बुरा। आइए आज आपको बताते हैं कि घर में कौनसी 6 चीजें कभी नहीं रखनी चाहिए।
1 महाभारत की तस्वीरें या प्रतीक : महाभारत को भारत के इतिहास का सबसे भीषण युद्ध माना जाता है। कहते हैं कि इस युद्ध के प्रतीकों, मसलन तस्वीर या रथ इत्यादि को घर में रखने से घर में क्लेश बढ़ता है। यही नहीं, महाभारत ग्रंथ भी घर से दूर ही रखने की सलाह दी जाती है।
2 नटराज की मूर्ति : नटराज नृत्य कला के देवता हैं। लगभग हर क्लासिकल डांसर के घर में आपको नटराज की मूर्ति रखी मिल जाती है। लेकिन नटराज की इस मूर्ति में भगवान शिव श्तांडव नृत्य की मुद्रा में हैं जो कि विनाश का परिचायक है। इसलिए इसे घर में रखना भी अशुभ फलकारक होता है।
3. ताजमहल : ताजमहल प्रेम का प्रतीक तो है, लेकि न साथ ही वह मुमताज की कब्रगाह भी है। इसलिए ताजमहल की तस्वीर या उसका प्रतीक घर में रखना नकारात्मकता फैलाता है। माना जाता है कि ऎसी चीजें घर पर रखी होने से हमारे जीवन पर बहुत गलत असर पड़ सकता है। यह सीधे-सीधे मौत से जुड़ा है इसलिए इसे घर पर न रखें।
4 डूबती हुई नाव या जहाज : डूबती नाव अगर घर में रखी हो तो अपने साथ आपका सौभाग्य भी डुबा ले जाती है। घर में रखी डूबती नाव की तस्वीर या� कोई शोपीस सीधा आपके घर के रिश्तों पर आघात करता है। रिश्तों में डूबते मूल्यों का प्रतीक है यह चिह्न। इसे अपने घर से दूर रखें।
5 फव्वारा : फव्वारे या फाउन्टन आपके घर की खूबसूरती तो बढ़ाते हैं लेकिन इसके बहते पानी के साथ आपका पैसा और समृद्धि भी बह जाती है। घर में फाउन्टन रखना शुभ नहीं होता।
6 जंगली जानवरों का कोई प्रतीक : किसी जंगली जानवर की तस्वीर या शो पीस घर पर रखना भी अच्छा नहीं माना जाता। इससे घर में रहने वालों का स्वभाव उग्र होने लगता है। घर में क्लेश और बेतरतीबी बढ़ती है।

ज्योतिष के इन उपायों से आपके 'वो' मानते हैं आपकी हर बात

पति, बॉयफ्रेंड का गुस्सा ऐसे करें दूर

अगर कोई व्यक्ति बहुत अधिक गुस्सा करता हो तथा अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड के साथ शराफत से पेश नहीं आता है तो उसे इस उपाय से तुरंत ही लाभ होता है। इस उपाय के अनुसार जब वह व्यक्ति (पति अथवा बॉयफ्रेंड) गहरी नींद में सो रहा हो तब एक नारियल, सात गोमती चक्र और थोड़ा का गुड़ लेकर उन सब को एक पीले कपड़े में बांध कर पोटली जैसा बना लेना चाहिए।

अब इस पोटली को सोते हुए आदमी के ऊपर से सात बार फिरा कर (उसार कर) पानी में बहा देना चाहिए तथा साथ ही प्रतिदिन सुबह स्नान कर सूर्य को अर्ध्य देना चाहिए। इससे उस व्यक्ति का गुस्सा तुरंत ही दूर हो जाएगा। 

बहुत बार हम किताबें पढ़कर या दूसरों से सुनकर ज्योतिष संबंधी टोने-टोटके आजमाते हैं। परन्तु किसी विद्वान ज्योतिषी से पूछे बिना ऐसा करना आपके लिए जानलेवा भी हो सकता है अगर आपकी कुंडली में ग्रह-गोचर सही नहीं चल रहे हों तो। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में जो आपको सोच-समझ कर ही करने चाहिए



कबूतरों को दाना डालना

अक्सर ज्योतिषियों द्वारा लोगों को कबूतरों को ज्वार (दाना) डालने का उपाय बताया जाता है। परन्तु यह उपाय कभी भी अपने घर की छत पर नहीं करना चाहिए। इस उपाय को या तो अपने आंगन में या घर से बाहर ही डालना चाहिए, घर की छत पर नहीं अन्यथा इससे बहुत बडा़ नुकसान भी हो सकता है।

वास्तव में जिनकी जन्मकुडंली में बुध और राहू की गलत युति बन जाती है या दोनों किसी तरह से आपस में योग बनाकर व्यक्ति को कष्ट देने लगते हैं तो यह कबूतरों को छत पर ज्वार डालने का उपाय उनके लिए मारक उपाय बन जाता है। इसका कारण है कि घर की छत और उड़ने वाले पक्षी दोनों ही राहू माने गए हैं।

जब कबूतर घर की छत पर आकर दाना चुगते हैं तो वे वहां पर बीट भी कर देते हैं जिससे छत गंदी हो जाती है, ऐसा होते ही जन्मकुंडली का खराब राहू प्रबल हो जाता है और व्यक्ति को अधिक कष्ट देने लगता है। अतः ऐसे में यही बेहतर है कि कबूतरों के लिए निर्धारित स्थान पर ही दाना डाले अथवा घर की छत को नियमित रूप से पानी से धोते रहे इससे इसका बुरा असर समाप्त हो जाता है।


न लोगों को कराएं भोजन

महाभारत में लिखा है 

पितृन् देवानृषीन् विप्रानतिथींश्च निराश्रयान्।
यो नरः प्रीणयत्यन्नैस्तस्य पुण्यफलं महत्।।

श्राद्ध पक्ष में सुबह भोजन करने के पहले अपने घर के पितृगणों को भोग लगाने से घर परिवार से जुड़ी सभी समस्याएं समाप्त हो जाती है। पंड़ितों तथा ऋषियों को भोजन करवाने से उनका आशीर्वाद मिलता है। इससे मनुष्य के घर-परिवार पर आने वाली जानी-अनजानी समस्याओं का निवारण हो जाता है। घर आए मेहमानों को जलपान करवाने तथा उनका आदर-सत्कार करने से देवता प्रसन्न होते हैं। जिन घरों में घर आए मेहमानों को भोजन करवाया जाता है वहां रहने वालों पर भाग्यलक्ष्मी सदा प्रसन्न रहती है। इसके अलावा भिखारियों, भूखे जानवरों तथा अन्य जरूरतमंदों को भी समय-समय पर अन्न-जल का दान करते रहने से घर की सभी समस्याएं दूर होती है। -


चावल के दानों का उपाय

किसी भी दिन जब शुभ मुहूर्त हो, सुबह जल्दी उठ कर एक लाल रेशमी कपड़े में चावल के 21 दाने बांधें। चावल के सभी दाने अखंडित होने चाहिए। इसके बाद मां महालक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें तथा इस पोटली को उन्हें समर्पित करें। पूजा के बाध इस लाल कपड़े की पोटली को अपने पर्स में छिपाकर रख दें। इससे जीवन में कभी भी पैसे की कमी नहीं आती और उस आदमी के पैसे से संबंधित सभी कार्य अपने आप बनते चले जाते हैं। इस प्रयोग में एक बात की विशेष ध्यान रखें कि उस पर्स में कभी भी कोई भी अशुद्ध और अधार्मिक वस्तु (जैसे अश्लील चित्र) न रखें।

कर्जा चुकाने का उपाय

अगर आप के उपर भारी कर्जा है और आप उसे चुका नहीं पा रहे हैं तो इन उपायों से भी आपका कर्जा जल्दी ही चुक जाएगा और घर में पैसे की आवक भी शुरू हो जाएगी। कर्जा केवल शुक्रवार या सोमवार को ही लेना चाहिए, इसके साथ ही कर्जे की पहली किस्त मंगलवार को ही चुकानी चाहिए, इससे तुरंत ही सारा कर्जा दूर हो जाता है। यदि किन्हीं कारणों से ऐसा नहीं हो पाया तो निम्न उपाय करना चाहिए ताकि आपकी आर्थिक तंगी तुंरत ही दूर हो सकेः

उपाय 1- पांच गुलाब के पूरी तरह से खिले हुए फूलों को गायत्री मंत्र पढ़ते हुए डेढ़ मीटर सफेद कपड़ें में बांध दे तथा इसे नदी में प्रवाहित कर दीजिए। इससे आपका कर्जा चुकना शुरू हो जाता है।
उपाय 2- कच्चे आटे की लोई में थोड़ा सा गुड़ भरकर उसे नदी में प्रवाहित कर दें।
उपाय 3- पांच गुलाब के फूल, चांदी का छोटा सा टुकड़ा, चावल और गुड, सफ़ेद कपड़े में रख कर 21 बार गायत्री मन्त्र का पाठ करें तथा मां गायत्री से मन ही मन आर्थिक संकट जल्दी से जल्दी दूर करने की प्रार्थना करें। बाद में इस पूरी सामग्री को नदी में प्रवाहित कर दें।

7 मार्च को है सूर्य ग्रहण, जानिए किन लोगों को होगा महिलाओं से खतरा

इस वर्ष चार बार ग्रहण पड़ेंगे। इनमें से दो सूर्य ग्रहण तथा दो चंद्र ग्रहण होंगे। वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 7 मार्च 2016 को होगा। यह भारत में स्पष्ट दिखाई देगा जबकि अन्य तीन ग्रहण हमारे यहां नहीं दिखाई देंगे।

ज्योतिष मठ संस्थान के पं. विनोद गौतम ने बताया कि साल का पहला सूर्य ग्रहण लगभग 24 मिनट तक ग्रस्तोदय स्थिति में देखा जा सकेगा। यह ग्रहण पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र कुंभ राशि पर रहेगा। इसकी अवधि सुबह 5 बजकर 37 मिनट से 9:07 मिनट तक रहेगी, जो भोपाल में सुबह 6:38 बजे से 7:02 बजे तक ग्रस्तोदय स्थिति में देखा जा सकेगा।

इस ग्रहण के चलते सभी राशियों पर असर पड़ेगा। जहां कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ के अवसर बन रहे हैं वही कुछ राशियों के लिए बहुत ही संभल कर चलने का समय है।

मेष (Aries) (चू, च, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ)

यह वर्ष सामान्य रहेगा। किसी महत्वपूर्ण निर्णय पर विचार कर सकते हैं। सोच समझ कर निर्णय लें। किसी मित्र की मदद लेना आपके हित में होगा। नए मित्र भी बनेंगे। परिवार के साथ विदेश जाने का योग बन सकता है। आपके साथ नुकसान या धोखा हो सकता है, सजग रहें। ज्यादा भरोसा किसी पर भी न करें।

प्रोफेशन - अपने काम में अनुशासन लाएं। अपने टारगेट पर फोकस करें।
प्रेम - पुराने रिश्ते का अंत होकर कोई नया पार्टनर मिल सकता है।

अनुकूल सलाह- समय रहते परिवर्तन करने से व्यावसायिक लाभ की संभावना है।


वृषभ (इ, उ, ए, ओ, वा, वि, वू, वे, वो)

यह वर्ष मौज-मस्ती में बीतेगा। मांगलिक कार्य होंगे। सगे-संबंधियों के साथ समय बिताएंगे। मेहमानों से परिवार का माहौल सुखद होगा। अगर किसी काम में अड़चन आ रही हो तो इस वर्ष वह दूर होगी। परिणाम आपके पक्ष में ही होगा। शादी की बात भी पक्की हो सकती है।

प्रोफेशन - पदोन्नति के योग बन रहे हैं। समय आपके अनुकूल है, पूरा फायदा उठाएं।
प्रेम - रिश्ते में परेशानियां इस वर्ष दूर होगी। रिश्ता और मधुर बनेगा।

अनुकूल सलाह- प्रयासों में वरिष्ठों की सलाह व्यावसायिक लाभ देगी।



मिथुन (का, की, कू , घ, ड, छ, के, को, हा)

यह वर्ष जोखिम भरा हो सकता है। नए काम न करें। जितना हो सके परिवार में और दोस्तों के बीच बहस करने से बचें। झगड़े की परिस्थितियां बन सकती हैं। भावनात्मक रूप से बहुत कमजोर महसूस करेंगे। माता के साथ वाद-विवाद हो सकता है। महिला से नुकसान हो सकता है, भरोसा न करें।

प्रोफेशन - सहकर्मियों के जरिए आप पर झूठा इल्जाम लगाया जा सकता है। सावधान रहें।
प्रेम - साथी से झगड़ा हो सकता है। दूसरे की भावनाओं की कद्र करें।

अनुकूल सलाह- प्रबंधन तथा सफलता के मध्य निर्णय क्षमता मजबूत करें। 


कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

इस वर्ष आर्थिक समस्या से परेशान हो सकते हैं। जहां से पैसा मिलने वाला था, वहां से निराशा ही मिलेगी। जरूरी काम अटक सकता है। कमजोरी महसूस होगी। मन उदास रहेगा। बेचैनी रहेगी। सब्र रखें। परिवार में किसी की तबीयत भी खराब हो सकती है।

प्रोफेशन - अपना काम जिम्मेदारी के साथ पूरा करें। कार्य क्षेत्र में लापरवाही न दिखाएं।
प्रेम - इस वर्ष आपका ब्रेकअप हो सकता है। बहस करने से बचें।

अनुकूल सलाह- संगठन को मजबूत बनाने की कोशिश लाभ देगी।


सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

इस वर्ष खुद को बहुत सकारात्मक पाएंगे। एक नई ऊर्जा के साथ कामों को अंजाम देंगे और उनमें सफलता भी मिलेगी। अध्यात्म की ओर झुकाव होगा। असंभव कामों को पूरा करने के लिए नई दिशा मिलेगी। अपनों का प्यार भी मिलेगा। खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। जरूरी काम करने की कोशिश करें।

प्रोफेशन - नई जिम्मेदारियां ऑफिस में मिल सकती हैं मन लगा के उन्हें पूरा करें।
प्रेम - पार्टनर के साथ कहीं घूमने जाएंगे, समय अच्छा बीतेगा।

अनुकूल सलाह- अपने कैलिबर को समझते हुए निर्णय क्षमता बढ़ाएं।


कन्या (Virgo) (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे,पो)

इस वर्ष नए कार्य की योजना बना सकते हैं लेकिन उसे पूरा करने के लिए एक सही मार्गदर्शन की जरूरत है। वास्तविकता को सामने लेकर चलें। जो काम शुरू किया है उसे पूरा करें। अपनी कमजोरियों को पहचान कर उन्हें पूरा करने की कोशिश करें। बड़ों की सलाह मानें। हर वक्त आप ही सही हैं यह मानसिकता दिमाग से निकालें।

प्रोफेशन - अपने काम में उत्साहपूर्वक माहौल बनाएं और काम करें।
प्रेम- पार्टनर से इमोशनली ब्लैकमेल होने से बचें।

अनुकूल सलाह- अवसरों को अपने अनुकूल बनाने का यह सही समय है।

तुला (रा, री, रू, रे, री, ता, ती, तू, ते)

यह वर्ष तुला राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा। किसी बात को ज्यादा न सोचें। समय रहते सब ठीक हो जाएगा। परिस्थितियां आपके पक्ष में होंगी। अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें। झूठे और धोखेबाज लोगों की बातों में न आएं। लोगों को परखना सीखें। किसी महिला से झगड़ा हो सकता है।

प्रोफेशन - अपनी जिम्मेदारी को अच्छे से निभाएंगे। आपका काम आगे बढ़ेगा।
प्रेम- पार्टनर के साथ समय गुजरेगा।

अनुकूल सलाह- हड़बड़ाहट में बड़ा नुकसान हो सकता है, ध्यान रखें।

वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

आप अपने और पराए में भेद करना सीखें। जरूरत से ज्यादा लोगों की मदद न करें। भावनात्मक रूप से आपको दु:ख पहुंचेगा। अपनी सेहत का ध्यान रखें। परिवार में किसी बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ सकती है। कोई जरूरी कार्य करने जा रहे हैं तो बुजुर्गों की सलाह और आर्शीवाद जरूर लें।

प्रोफेशन - आपके जरिए किए गए काम को अनदेखा किया जा सकता है।
प्रेम- कार्यक्षेत्र में अपने पार्टनर की सलाह पर ध्यान दें।

अनुकूल सलाह- शान्ति के साथ अपने कार्य कलापों पर नीति बनाएं।


धनु (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे)

यह वर्ष सभी तरह के कामों के लिए शुभ है। शादी की बात चल रही है तो बात बनेगी। नए दोस्त बनेंगे और उनसे लाभ भी होगा। अगर बिजनेस किसी महिला के साथ शुरू करने का प्लान बना रहे हैं तो वो आपके लिए शुभ होगा। समाज में सम्मान मिलेगा। धार्मिक आयोजन हो सकते हैं।

प्रोफेशन - नए बिजनेस की शुरुआत हो सकती है। समय अनुकूल है।
प्रेम- पार्टनर के साथ संबंध मधुर होंगे।

अनुकूल सलाह- महिला मित्र की बातों पर नीतिगत दृष्टिकोण अपनाएं।

मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी)

इस राशि वालों को हर काम सोच समझकर करने की जरूरत है। गलत लोगों की संगत से बचें। मन की बात हर किसी से न करें। कुछ लोग आपका फायदा उठा सकते हैं। हो सकता है आप किसी गलत संगत में पड़ जाएं।

प्रोफेशन - आपकी सलाह को लोग अपने हित के लिए मानेंगे।
प्रेम- आपका पार्टनर आपके मन की बात नहीं समझ पाएगा जिससे मन निराश होगा।

अनुकूल सलाह- सफलता को प्राप्त करने के लिए प्रबंधन पर ध्यान दें।

कुंभ (Aquarius) (गू, गे, गो, सा, सी, सू,से, सो,दा)

ये वर्ष आपके लिए नई उम्मीद लेकर आएगा। नई योजना बनेगी। आपको फायदा होगा। रुका हुआ काम इस वर्ष पूरा होगा। आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। किसी काम के लिए आपको इनाम मिल सकता है। सामाजिक जीवन अच्छा होगा।

प्रोफेशन - नौकरी में निश्चित तरक्की के योग हैं।
प्रेम - पार्टनर के साथ कहीं घूमने जाएं अच्छा समय बीतेगा।

अनुकूल सलाह- समय पक्ष का है वरिष्ठों के माध्यम से लाभ लें।

मीन (दी, दु, थ, दे, दो, चा, ची)

इस वर्ष मीन राशि वालों ने जो काम हाथ में लिया है उसे बीच में न छोडें और न ही काम के प्रति लापरवाही बरतें। काम बिगड़ सकता है। इस वर्ष भाग-दौड़ हो सकती है। कोई भी कार्य अच्छी तरह योजना बनाकर ही करें। चापलूसों से बचें। नई शुरूआत हो सकती है।

प्रोफेशन- आपके ऊपर नई जिम्मेदारी आएगी।
प्रेम- पार्टनर के व्यवहार से मन विचलित रहेगा। बाद में सब अच्छा होगा।

अनुकूल सलाह- संबंधों को नियंत्रित करते हुए रणनीति बनाएं।

रोचक कहानी

एक संत की कथा में एक बालिका खड़ी हो गई।
चेहरे पर झलकता आक्रोश...
संत ने पूछा - बोलो बेटी क्या बात है?
बालिका ने कहा- महाराज हमारे समाज में लड़कों
को हर प्रकार की आजादी होती है।
वह कुछ भी करे, कहीं भी जाए उस पर कोई खास
टोका टाकी नहीं होती।
इसके विपरीत लड़कियों को बात बात पर टोका
जाता है।
यह मत करो, यहाँ मत जाओ, घर जल्दी आ जाओ
आदि।
संत मुस्कुराए और कहा...
बेटी तुमने कभी लोहे की दुकान के बाहर पड़े लोहे
के गार्डर देखे हैं?
ये गार्डर सर्दी, गर्मी, बरसात, रात दिन इसी
प्रकार पड़े रहते हैं।
इसके बावजूद इनका कुछ नहीं बिगड़ता और इनकी
कीमत पर भी कोई अन्तर नहीं पड़ता।
लड़कों के लिए कुछ इसी प्रकार की सोच है समाज
में।
अब तुम चलो एक ज्वेलरी शॉप में।
एक बड़ी तिजोरी, उसमें एक छोटी तिजोरी।
उसमें रखी छोटी सुन्दर सी डिब्बी में रेशम पर
नज़ाकत से रखा चमचमाता हीरा।
क्योंकि जौहरी जानता है कि अगर हीरे में जरा भी
खरोंच आ गई तो उसकी कोई कीमत नहीं रहेगी।
समाज में बेटियों की अहमियत भी कुछ इसी प्रकार
की है।
पूरे घर को रोशन करती झिलमिलाते हीरे की तरह।
जरा सी खरोंच से उसके और उसके परिवार के पास
कुछ नहीं बचता।
बस यही अन्तर है लड़कियों और लड़कों में।
पूरी सभा में चुप्पी छा गई।
उस बेटी के साथ पूरी सभा की आँखों में छाई नमी
साफ-साफ बता रही थी लोहे और हीरे में फर्क।।।




इस गांव में होती है चमगादड़ों की पूजा, माना जाता है लक्ष्मी का प्रतीक

वैसे तो आपने चमगादड़ों को देखा होगा, लेकिन बिहार के वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के सरसई (रामपुर रत्नाकर) गांव में चमगादड़ों की न केवल पूजा होती है, बल्कि लोग मानते हैं कि चमगादड़ उनकी रक्षा भी करते हैं। इन चमगादड़ों को देखने के लिए पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। यहां लोगों की मान्यता है कि चमगादड़ समृद्धि की प्रतीक देवी लक्ष्मी के समान हैं।
सरसई गांव के एक बुजुर्ग गणेश सिंह का मानना है कि चमगादड़ों का जहां वास होता है, वहां कभी धन की कमी नहीं होती। ये चमगादड़ यहां कब से हैं, इसकी सही जानकारी किसी को भी नहीं है। सरसई पंचायत के सरपंच और प्रदेश सरपंच संघ के अध्यक्ष अमोद कुमार निराला बताते हैं कि गांव के एक प्राचीन तालाब (सरोवर) के पास लगे पीपल, सेमर तथा बथुआ के पेड़ों पर ये चमगादड़ बसेरा बना चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इस तालाब का निर्माण तिरहुत के राजा शिव सिंह ने वर्ष 1402 में करवाया था। करीब 50 एकड़ में फैले इस भूभाग में कई मंदिर भी स्थापित हैं। उनके अनुसार रात में गांव के बाहर किसी भी व्यक्ति के तालाब के पास जानं के बाद ये चमगादड़ चिल्लाने लगते हैं, जबकि गांव का कोई भी व्यक्ति के जाने के बाद चमगादड़ कुछ नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि यहां कुछ चमगादड़ों का वजन पांच किलोग्राम तक है।
सरसई पंचायत के मुखिया चंदन कुमार बताते हैं कि सरसई के पीपलों के पेड़ों पर अपना बसेरा बना चुके इन चमगादड़ों की संख्या में लगातार वृद्धि होती जा रही है। गांव के लोग न केवल इनकी पूजा करते हैं, बल्कि इन चमगादड़ों की सुरक्षा भी करते हैं। यहां के ग्रामीणों का शुभ कार्य इन चमगादड़ों की पूजा के बगैर पूरा नहीं माना जाता।
जनश्रुतियों के मुताबिक, मध्यकाल में वैशाली में महामारी फैली थी, जिस कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में यहां चमगादड़ आए और फिर ये यहीं के होकर रह गए। इसके बाद से यहां किसी प्रकार की महामारी कभी नहीं आई।
स्थानीय आर. एन. कॉलेज के प्रोफेसर एसपी श्रीवास्तव का कहना है कि चमगादड़ों के शरीर से जो गंध निकलती है, वह उन विषाणुओं को नष्ट कर देती है जो मनुष्य के शरीर के लिए नुकसानदेह माने जाते हैं। उनके अनुसार इतनी बड़ी संख्या में चमगादड़ों का वास न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि मनमोहक भी है, लेकिन यहां साफ -सफाई और सौंदर्यीकरण की जरूरत है।

18 साल बाद पंचग्रही, शिव योग में मनेगी महाशिवरात्रि

महाशिवरात्रि इस बार सात मार्च को पंचग्रही व शिव योग में हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस दिन कुंभ राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र व केतु, पांच ग्रह मिलन (युति) करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार स्थिर राशि कुंभ में पांच ग्रहों का यह योग महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर की पूजा करने वाले शिव भक्तों को स्थिर लक्ष्मी व आरोग्यता प्रदान करेगा।
इस बार शैव और वैष्णव दोनों मतों के लोग एक ही दिन शिवरात्रि का पर्व मनाएंगे। ज्योतिषाचार्य पंडि़त चंद्रमोहन दाधीच के अनुसार महाशिवरात्रि पर पंचग्रही योग 18 साल बाद बन रहा है। इससे पूर्व यह विशेष योग 25 फरवरी 1998 में बना था। इसके बाद 9 मार्च 2024 को यह योग बनेगा।
भगवान शिव को प्रसन्न करने की रात
शैव व वैष्णव दोनों मतों के लोगों के एक ही दिन यह पर्व मनाने के कारण चार प्रहर की पूजा भी इसी दिन की जाएगी। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हर प्रहर में गन्ना, डाब (कुशा), दुग्ध, खस आदि का अभिषेक किया जाएगा। साथ ही रुद्र पाठ, शिव महिमन और तांडव स्त्रोत का पाठ होगा। षोड्षोपचार पूजन के साथ भगवान शिव को आक, धतूरा, भांग, बेर, गाजर चढ़ाया जाएगा। किसी व्यक्ति की कुंड़ली में राहु-केतु के मध्य में आने पर बनने वाला कालसर्प योग के निवारण के लिए� भी विशेष पूजा की जाएगी।
चार प्रहर पूजन का समय
प्रथम प्रहर : सायंकाल 6.27 से रात्रि 9.32 बजे तक
द्वितीय प्रहर : रात्रि 9.33 से 12.37 बजे तक
तृतीय प्रहर : मध्यरात्रि 12.38 से 3.42 बजे तक
चतुर्थ प्रहर : मध्यरात्रि बाद 3.43 से प्रात: 6.47 बजे तक
निशीथ काल : मध्यरात्रि 12.13 से 1.02 बजे तक

उपचार सम्बंधित घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । देश दुनिया, समाज, रहन - सहन से सम्बंधित रोचक जानकारियाँ देखने के लिए यहाँ क्लिक करें ।


तन के साथ अपने मन, मस्तिष्क और आत्मा को भी बनाएं शुद्ध

मन स्वस्थ और स्वच्छ हो तो शरीर उसी प्रकार संचालित होता है। परन्तु मन को स्वच्छ और स्वस्थ रखने के लिए शरीर का स्वस्थ होना भी जरूरी है। इसमें खान पान, व्यायाम और योग शामिल है। जब व्यक्ति शरीर से स्वस्थ होता है तो मन प्रफुल्लित रहता है। इसलिए प्रात: उठें, ईश्वर का ध्यान करें, शुद्ध एवं शाकाहारी भोजन लें, योग के साथ राजयोग करें।
योग से शरीर और मन को स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए, लेकिन आत्मा की स्वच्छता के लिए राजयोग जरूरी है। राजयोग अर्थात आत्मा का परमात्मा से मिलन। इसके लिए जरूरी है कि ध्यानाभ्यास किया जाए। ऐसा नहीं है कि ध्यानाभ्यास केवल बैठकर एक निश्चित समय पर ही करना जरूरी है। परन्तु यह हर समय किया जा सकता है। सही मायने में देखा जाए तो स्वच्छता का दर्पण मनुष्यात्माओं को उज्जवल भविष्य की रोशनी और सही रास्ता दिखाने का आधार होता है।
मन की स्वच्छता के लिए लगातार प्रयास करते रहने की जरूरत है। हमेशा मन पर नजर रखने की आवश्यकता है ताकि मन की समस्याओं के अम्बार को रोका जा सके। यही एक प्रक्रिया है कि हम मन और आत्मा को स्वच्छ और स्वस्थ बना सकते हैं। इससे ही मनुष्य का सही विकास होगा और हम एक बेहतर कल की ओर अग्रसर होंगे।

Hindi Tricks: दुसरे कंप्यूटर या मोबाइल में Log In फेसबुक को Log Out कैसे कर्रें.

Facebook वर्त्तमान समय का सबसे ज्यादा उपयोग होने वाली Social Sites है. ऐसे में जाहिर सी बात है कि हम हर जगह इसका उपयोग करते हैं. Privacy के लिहाज से ये जरुरी है कि किसी दुसरे के Computer या Mobile में इसे चलाने के बाद इसे Log Out कर दिया जाये. लेकिन सोचिये अगर क्या हो अगर इसे हम Log Out करना भूल जाएँ ? या किसी Cyber Cafe में फेसबुक चलाकर इसे Log Out करना भूल जाएँ ?



Log%2BOut
How to Log Out Facebook From Other Computers and Mobiles ?


Don't Worry ! मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो Trick जिसके द्वारा आप किसे दुसरे कंप्यूटर या मोबाइल में Log In फेसबुक को अपने कंप्यूटर या मोबाइल से Log Out कर सकते हैं :) यही नहीं आपके द्वारा Log In किये गए सारे Device से Log Out कर सकते हैं. है न मजेदार ?

इस प्रकार आप अपने Privacy को तो बरक़रार रख सकते हैं और साथ ही इसके गलत उपयोग को भी रोक सकते हैं. तो आइये जानते हैं इस Trick का उपयोग कैसे करें.

How to Log Out Facebook From Other Computers?


Step 1 > अपने फेसबुक अकाउंट में Log In करें.

Step 2 > अब सबसे ऊपर Notification Bar के सबसे लास्ट वाले Arrow क्लिक करके Settings पर क्लिक करें.

Step 3 > वहां पर Security Tab पर Click करें. आप चाहें तो Directly यहाँ से Click करके Security Tab में जा सकते हैं. आपको निचे दिखाए गए Figure जैसा Option दिखेगा.

Securiy%2BOn%2BCom
Security Tab on Computer



Step 4 > अब निचे दिखाए गए Figure के अनुसार "Where You're Logged In"  के Edit आप्शन पर क्लिक करें. यहाँ पर आपको वो सभी Devices के Information मिल जाएगी जिससे आपने Log In किया है.


End%2BActivity
End All Activity


Step 5 > अब आप चाहें तो Figure में दिखाए गए "End All Activity" आप्शन पर क्लिक करके एक साथ सभी Devices से Log Out हो सकते हैं. या फिर आप जिस Device से Log Out होना चाहते हैं उसके निचे वाले आप्शन "End Activity"  पर क्लिक करके Log Out हो सकते हैं.



How to Log Out Facebook From Other Mobiles?



Step 1 > m.facebook.com पर जाकर अपने फेसबुक अकाउंट में Log In करें.

Step 2 > अब सबसे निचे स्थित Settings & Privacy वाले आप्शन पर क्लिक करें. सहायता के लिए Figure देखें.


Setting%2BAnd%2BPrivacy
Settings and Privacy


Step 3 > वहां पर स्थित Security Tab पर Click करें. सहायता के लिए Figure देखें.


Security
Security on Mobile


Step 4 > अब निचे दिखाए गए Figure के अनुसार "Active Sessions" आप्शन पर क्लिक करें. यहाँ पर आपको वो सभी Device के Information मिल जाएगी जिससे आपने Log In किया है.

Active%2BSessions
Active Sessions



Step 5 > अब आप चाहें तो Figure में दिखाए अनुसार जिस-जिस Device से Log Out होना चाहते हैं उसके चैक बॉक्स को √ सिलेक्ट कर दें और सबसे निचे आकर Remove Selected पर क्लिक करें इस प्रकार आप वो सभी Device से Log Out हो जायेंगे जिससे आप होना चाहते हैं.

Remove%2BSelected
Remove Selected




तो दोस्तों, कैसे लगी Facebook से Related ये मजेदार Tricks ?
आशा है आपको ये Tricks पसंद आयी होगी अगर हाँ तो इसे अपने दोस्तों के साथ Share करना न भूलें.
Thank%2BYou
Thank You For Visiting HindiTechTricks.COM

फ्री में Website या Blog कैसे बनायें (How to create Website or Blog for free In Hindi)

क्या आप भी अपना एक Free Website या Blog बनाना चाहते हैं? परन्तु नहीं जानते कि इसे फ्री में कैसे बनाया जाता है तो आप बिलकुल सही जगह पर हैं. मैं अपने इस पोस्ट "How to create Website or Blog for free In Hindi?" में आज आपलोगों को यही बताने वाला हूँ कि कैसे आप अपना एक फ्री वेबसाइट या ब्लॉग बना सकते हैं. मैं आपको ये बताते चलूँ कि ये उतना ही आसान है जितना कि एक Facebook या Gmail Id बनाना. 
How-To-Create-Website-or-Blog-for-Free-of-Cost-in-Hindi
How-To-Create-Website-or-Blog-for-Free-of-Cost-in-Hindi

आज इस मॉडर्न युग में जहाँ सभी चीज online होती है ऐसे में ये बहुत ही जरुरी है कि हम भी इसमें पीछे न रहें. अगर आप एक Student हैं तो आप ये आसानी से समझ पाएंगे कि समय कैसे बदल गया है और जहाँ सबकुछ Offline होता था आज वहीं अब सारी चीजें Online होती है चाहे आपको किसी जॉब के लिए अप्लाई करना हो या फिर छात्रवृत्ति के लिए.

ऐसे में हम सब कैसे पीछे रह सकते हैं क्या अपना एक फ्री वेबसाइट या ब्लॉग नहीं बना सकते? आपको जानकर या आश्चर्य होगा कि जहाँ आप इससे अपने विचार पूरी दुनिया के साथ शेयर कर पाएंगे वहीं इससे पैसे कमाने की संभाबना भी मौजूद है. मैं आपको ये बताते चलूँ की पुरे भारत में ऐसे कई सारे लोग हैं जो अपने वेबसाइट और ब्लॉग के माध्यम से लाखों रूपये कमा रहे हैं. है न मजेदार?

सबसे बड़ी बात ये है की वेबसाइट या ब्लॉग बनाना न तो जटिल है और न हीं ज्यादा खर्चीला. बस जरुरत है थोड़े समय का जो आप आसानी से निकाल सकते हैं अगर आप वास्तव में अपना कोई ब्लॉग बनाना चाहते हैं.

How to Create Free WEBSITE or BLOG in Hindi?


वैसे तो फ्री में ब्लॉग बनाने के लिए बहुत सारे Option हैं आपके पास, लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध तथा उपयोग करना आसान है Blogger(Blogspot) जो Google अधिकृत है और ये इसके अन्य Apps की तरह बिलकुल फ्री सेवा है. अब मुझे लगता है कि आप भी इस फ्री सेवा का लाभ जरुर उठाना चाहते होंगे :)

अब सवाल ये है कि अपना वेबसाइट या ब्लॉग क्यों बनायें ?

Why Should You Create Website or Blog for Free

इसके कई जवाब हो सकते हैं जो आप पर निर्भर करता है कि आप क्या चाहते हैं.

मनोरंजन के लिए (For Entertainment)

जी हाँ अगर आप चाहते हैं कि आपके अपने द्वारा लिखी गई कोई पोस्ट (कहानी, जोक्स, Tricks, Information, News इत्यादि) से लोगों का मनोरंजन करना चाहते हैं तो वास्तव में आप एक ब्लॉग या वेबसाइट बनाकर पूरी दुनिया का मनोरंजन कर सकते हैं साथ में आप अपना भी. ये न सिर्फ आपके कला को पूरी दुनिया में पहुंचाएगा बल्कि आपको Internet की दुनिया में एक अलग और अनोखा पहचान भी दिलवाएगा.

Business के प्रचार के लिए (For Promoting Your Business)

अगर आपके पास कोई Business है जिसे आप बहुत सारे लोगों तक पहुँचाना चाहते हैं तो इसके लिए Blog या Website बनाना काफी लाभप्रद होगा. इससे न सिर्फ आप बहुत सारे लोगों को अपने Business के बारे में बता सकते हैं बल्क़ि आप उन सब से जुड़ भी सकते हैं और अपने व्यापार को नयी ऊंचाई तक ले जा सकते हैं.

पैसे कमाने के लिए (To Make Money Online)

ब्लॉग या वेबसाइट की सबसे बड़ी खूबी है कि हम इससे पैसे कमा सकते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कैसे ? Don't Worry मैं इसके बारे में भी बताऊंगा लेकिन इसके पहले जरुरी है कि आपके पास एक अपना ब्लॉग या वेबसाइट हो और उसे पढने बाले ढेर सारे पाठक. अब जरा सोचिये कि Newspaper या Television बाले पैसे कैसे कमाते हैं. सीधा सा जवाब है विज्ञापन दिखाकर या देकर. यहाँ भी वही करना होता है अर्थात आपको विज्ञापन दिखाने होंगे अपने ब्लॉग पर जो की आपके Google Adsense के द्वारा दिए जाते हैं और बदले में आपको पैसे मिलते हैं. है न मजेदार? सिर्फ इतना ही नहीं इसके अलावे और भी साधन हैं जैसे कि आप अपने किसी सामान (Product) को online बेचकर भी पैसे कमा सकते हैं बस जुड़े रहिये हमारे साथ और ढेर सारे Hindi Tricks, Tricks in Hindi के लिए.
Free Website Ya Blog Kaise banayen? How to Create Website in Hindi

अब आप जरुर उत्सुक होंगे अपना वेबसाइट या ब्लॉग बनाने को तो आइये जानते हैं वेबसाइट या ब्लॉग बनाने का Step By Step तरीका.

How to Creat Website of Blog for free in Hindi (Free me Website ya Blog kaise Banayen)


#1 Blogger.Com पर Sign Up करें 

सबसे पहले आप ब्लॉगर पर क्लिक करें तथा अपने Google Account( Gmail Id ) से लॉग इन करें. अगर आपके पास Gmail Account नहीं है तो आप इसे फ्री में बना सकते हैं बनाने के लिए यहाँ क्लिक करें. आपसे सबसे पहले पूछा जायेगा कि आप Blogger Profile रखना चाहते हैं या Google+ Profile. मैं आपको Google+ Profile बनाने की सलाह दूंगा. हालाँकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है आप दोनों में से कोई अपनी इच्छा अनुसार चुन सकते हैं. इसके बाद New Blog पर क्लिक करें.

#2 अपने वेबसाइट या ब्लॉग का नाम दें तथा Domain सलेक्ट करें

ब्लॉग का नाम आप अपनी इच्छा अनुसार कुछ भी रख सकते हैं जो कि आपके ब्लॉग को सही सही दर्शाता हो. जैसे हमारे ब्लॉग का नाम "Hindi Tech Tricks" है क्योंकि ये पुर्णतः Hindi Tricks या Tricks in Hindi के लिए बनायीं गई है. अब वहां पर दुसरे नंबर में आपको Domain Name चुनना है Domain Name का मतलब है आपके ब्लॉग का पता जैसे हमारा Domain Name "HindiTechTricks.COM" है उसी तरह आप वहां पर चुन सकते हो लेकिन वहां आपको Sub Domain मिलेगा अर्थात आपका Domain { yourblogname.blospot.com } होगा. लेकिन आप इसमें Custom Domain { www.yourblogname.com } भी सेट करना चाहें तो आप बाद में आसानी से कर सकते हैं, पर इसके लिए आपको Domain प्रदाता को कुछ पैसे देने होंगे जो प्रत्येक वर्ष आपको देना होगा. मैं Domain खरीदने तथा इसे अपने वेबसाइट में सेट करने के लिया जल्द ही एक पोस्ट Publish करूँगा.
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How-To-Create-Website-or-Blog-for-Free-of-Cost-in-Hindi

#3 टेम्पलेट चुनें 

इसके बाद आपको टेम्पलेट चुनना होगा अर्थात अपने ब्लॉग को आप कैसा दिखाना चाहते हैं वो आप टेम्प्लेट चुनकर कर सकते हैं. इसके लिए ब्लॉगर में कुछ टेम्पलेट उपलब्ध हैं इसके अलावे आप दुसरे website जो फ्री में अच्छे अच्छे टेम्पलेट प्रदान करते हैं उनसे भी डाउनलोड कर आप अपने ब्लॉग में Upload कर सकते हैं. इसके बाद भी आप इसमें बहुत सारे परिवर्तन कर सकते हैं जिससे आपका ब्लॉग Attractive दिखे. क्योंकि First Impression is Last Impression. लेकिन इसे इतना Serious मत लीजिये इसे आप बाद में भी Change कर सकते हैं. टेम्प्लेट चुनने ने के बाद "Create the Blog" पर क्लिक करें और आपका ब्लॉग तैयार है. Template से संबंधीत एक पोस्ट जल्द ही "HindiTechTricks.COM" पर Publish होगा.

#4 आपका पहला पोस्ट

ब्लॉग बनने के बाद आप सबसे पहले इसके Dashboard पर रहेंगे. यहाँ से आप Settings में जाकर अपनी इच्छा अनुसार कुछ और जरुरी बदलाब कर सकते हैं . इसके बाद आप अपना पहला पोस्ट लिखने के लिए तैयार होंगे. तो इसके लिए आपको क्लिक करना होगा Post > New Post. और अब आप अपना पोस्ट लिख सकते हैं. इसे लिखने के बाद Publish पर क्लिक कर दें. लेकिन इससे पहले मैं आपको सलाह देना चाहूँगा कि अपना Post Publish करने से पहले कुछ Page बना लें. जैसे कि "About Us" "Contact Us" इत्यादि ऐसा करने से आपके ब्लॉग के पाठक आपके बारे में जान पाएंगे और जरुरत पड़ने पर आपसे संपर्क कर सकते हैं. Page बनाने के लिए क्लिक कीजिये Page > New Page. ये बिलकुल वैसा हीं होगा जैसा के पोस्ट लिखना. इसके बारे में Detail से जानकारी अगले पोस्ट में :)
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How-To-Create-Website-or-Blog-for-Free-of-Cost-in-Hindi

#5 पैसे कमाना शुरू करें

अब अगर आप अपना वेबसाइट या ब्लॉग बन चुके है और इसे पढने बाले ढेर सारे पाठक हैं तो आप निश्चित रूप से पैसे कमा सकते हैं. इसके लिए आपको जाना होगा Settings > Earnings और वहां पर आपको Google Adsence के लिए Sign Up करना होगा. लेकिंन ऐसा करने से पहले आप ये ध्यान रखें कि आपके ब्लॉग को पढने बाले ढेर सारे पाठक हैं और अपने से लिखे हुए Content पब्लिश करते हैं तभी आपका Google Adsence अकाउंट Approve होगा. लेकिन अगर ये सब करने के बाद भी आपके Google Adsence अकाउंट Approve नहीं हुआ है तो चिंता मत कीजिये ब्लॉग से कमाने के और भी तरीके हैं जो मैं आपको अपनी आगे के पोस्ट में देता रहूँगा. बस जुड़े रहिये हमारे साथ.


अब आपका वेबसाइट या ब्लॉग तैयार है और आप इसपर अपने मन मुताबिक पोस्ट कर सकते हैं.

इसके अलावे अगर बिच में कोई समस्या आती है तो Comment Box में पूछने में जरा सा भी संकोच न करें. अगर आप चाहें तो अपना सवाल हमारे ईमेल hinditechtricks@gmail.com पर भी भेज सकते हैं. हमें आपकी सहायता करके ख़ुशी होगी :)
इससे सम्बंधित और ढेर सारे पोस्ट मैं आगे लिखता रहूँगा इसलिए हमारे ब्लॉग "HindiTechTricks.COM" को अपने मोबाइल या कंप्यूटर में Bookmark करना न भूलें तथा सभी पोस्ट अपने Email में पाने के लिए हमें अभी Subscribe करें.

अगर ये पोस्ट आपको अच्छी लगी तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूलें. आप इसे Facebook या Twitter जैसे सोशल नेट्वर्किंग साइट्स पर शेयर करके इसे और लोगों तक पहुचाने में हमारी मदद करें. धन्यवाद !

अपने खोये हुए Android Phone को बिना किसी App के कैसे पता लगाएँ (How to Track Lost Android Phone Without App in Hindi)

Hi Friends, Security तथा Privacy से संबंधित एक बहुत मजेदार तथा जरुरी Hindi Tricks लेकर एक बार फिर से मैं उपस्थित आप सभी के सेवा में. मैं आज आपलोगों को बताने जा रहा हूँ "How to Track Lost Android Phone Without App in Hindi" जिसकी सहायता से आप अपने खोये हुए Android Phone का पता काफी आसानी से लगा पाएंगे वो भी बिना किसी App को अपने Android Phone में Install किये बिना. आप इस Hindi Tricks "How to Track Lost Android Phone Without App in Hindi" के माध्यम से न सिर्फ अपने Android Phone का पता लगा सकते हैं बल्क़ि उसे Lock तथा Erase भी कर सकते हैं. अर्थात अपने Android Phone के सभी Important Data को एक क्लिक से Delete कर सकते हैं.

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How+to+Track+Lost+Android+Phone+Without+App+in+Hindi

मुझे पूर्ण आशा है कि आप इस Hindi Tricks को जानने के लिए काफी उत्सुक होंगे. मैं भी आपका ज्यादा समय न लेते हुए सीधे इस Hindi Tricks "How to Track Lost Android Phone Without App in Hindi" पर आता हूँ और आपको बताता हूँ कि कैसे आप अपने खोये हुए Android Phone को बिना किसी App के पता लगा सकते हैं.



How to Track Lost Android Phone Without App in Hindi

Lost Android Ko Kaise Track Karen?
"Android Device Manager" सभी Andrid Phone में उपस्थित एक बेहतरीन सेवा जिसके बारे हम सभी को मालूम नहीं होता है और हम इसका सही सही उपयोग नहीं कर पाते हैं. ये बिल्कुल एक Tracking App की तरह काम करता है. इसकी सबसे अच्छी बात ये है कि इसके लिए में किसे दुसरे App को Download नहीं करना पड़ता है. साथ ही हम अपने काम की व्यस्तताओं के कारण हम कोई Tracking App अपने Android Phone में Install नहीं करते हैं और अपना Android Phone चोरी हो जाने पर हम इसका पता नहीं लगा पाते हैं.

ऐसी स्थिति में Android Device Manager बिल्कुल Perfect काम करता है और इसका उपयोग करना काफी आसान है.
तो आइये जानते हैं Step By Step अपने खोये हुए Android Phone को बिना किसी App के पता लगाने का तरीका :)


How to Track Lost Android Phone Without Any App Step By Step in Hindi



  • Lost Android Step 1. सबसे पहले आप अपने Android Phone के Settings में जाएँ और वहां पर Security या Privacy आप्शन खोजें और उस पर क्लिक करें. अगर आपके Android Phone का Version 4.4 Kitkat तो आप Directly " Settings > Privacy > Device Administraion" पर जा सकते हैं. शेष Version के लिए आप वहीं तरीका अपना सकते हैं. सहायता के लिए निचे का Figures देखें.

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  • Lost Android Step 2. अब Device Administraion आप्शन पर क्लिक करने के बाद निचे दिखाए जैसे Figure के जैसा आप्शन आएगा जिसमे से एक "Android Device Manager" होगा जो Activate नहीं होगा. इस पर क्लिक करके इसे Activate कर लें. अब आपका एंड्राइड फ़ोन सफलतापूर्वक Track होता रहेगा.

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  • Lost Android Step 3. इसके बाद जब आप अपने Android Phone को Track करना चाहें अर्थात इसके Location को पता करना चाहें तो "Android Device Manager" के वेबसाइट पर अपने कंप्यूटर या किसी अन्य फ़ोन से लॉग इन करें. याद रखें कि आप उसी Email से लॉग इन कर रहे हैं जो आपके Lost Android Phone में लॉग इन था.



  • Lost Android Step 4. अब ये आपके एंड्राइड फ़ोन से कनेक्ट करने के बाद आपको निचे के Figure जैसा आप्शन देगा. साथ Google Maps के द्वारा आपको सही सही Location भी बताएगा.

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How+to+Track+Lost+Android+Phone+Without+App+in+Hindi

यहाँ पर आपको 3 ऑप्शन्स ( Ring, Lock and Erase ) मिलता है. मैं इन सभी के बारे में बारी बारी से आपको बताता हूँ कि इससे आप क्या कर सकते हैं.



  • Ring : आप जैसे ही इस आप्शन पर क्लिक करेंगे "Android Device Manager" आपके मोबाइल को Full Volume के साथ बजाएगा चाहे आपका फ़ोन Silent Mode में ही क्यों न हो. लेकिन ये आप्शन उस समय काम नहीं करता है अगर आपका एंड्राइड फ़ोन स्विच ऑफ हो.

  • Lock : अगर आप इस आप्शन पर क्लिक करते हैं तो निचे के Figure के अनुसार एक पॉपअप्स विंडो खुलेगा. जहाँ से आप अपने एंड्राइड फ़ोन को नए पासवर्ड से लॉक कर सकते हैं. साथ ही आप अपना एक मोबाइल नंबर वहां पर दिखा सकते हैं जिसके द्वारा संपर्क किया जा सकता है.

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How+to+Track+Lost+Android+Phone+Without+App+in+Hindi

  • Erase : इस आप्शन पर क्लिक करके इसे कन्फर्म करने के बाद आपके एंड्राइड फ़ोन की सारी Memory Data के साथ Delete हो जाएगी. अर्थात आपका मोबाइल बिलकुल Format हो जायेगा और बिल्कुल वैसा ही हो जायेगा जैसा कि एक नया एंड्राइड फ़ोन रहता है. ऐसा करने से पहले एक बात का ध्यान रखें कि इसके बाद "Android Device Manager" की Settings भी Deactivate हो जायेगा और ये भी काम करना बंद कर देगा.
तो दोस्तों, कैसी लगी ये मजेदार Hindi Tricks ?
Must Read:
इसके अलावे अगर बिच में कोई समस्या आती है तो Comment Box में पूछने में जरा सा भी संकोच न करें. अगर आप चाहें तो अपना सवाल हमारे ईमेल hinditechtricks@gmail.com पर भी भेज सकते हैं. हमें आपकी सहायता करके ख़ुशी होगी :)
इससे सम्बंधित और ढेर सारे पोस्ट मैं आगे लिखता रहूँगा इसलिए हमारे ब्लॉग "HindiTechTricks.COM" को अपने मोबाइल या कंप्यूटर में Bookmark करना न भूलें तथा सभी पोस्ट अपने Email में पाने के लिए हमें अभी Subscribe करें.

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Blogger Template को कैसे खोजें तथा इसे Upload करें ?

नमस्कार दोस्तों, हमने अपनी पिछली पोस्ट " फ्री में Website या Blog कैसे बनायें (How To Create Website Or Blog For Free In Hindi) " में बताया कि कैसे हम एक फ्री में ब्लॉग या वेबसाइट बना सकते हैं. आशा है आपने अपना ब्लॉग बना लिया है अगर नहीं तो इसे अभी बनाने के लिए यहाँ क्लिक् करें. उसी से संबंधित आज मैं आप लोगों को इस पोस्ट "Blogger Template को कैसे खोजें तथा इसे Upload करें ( How To Find And Upload Blogger Template 2016 In Hindi )" के माध्यम से बताने जा रहा हूँ कि इसके अच्छे Look के लिए हम क्या कर सकते हैं. क्योंकि जब तक आपका ब्लॉग दिखने में अच्छा नहीं होगा इसे पढने वाले पाठक भी काफी कम होंगे. सच कहूँ तो आपके वेबसाइट का Blogger Template एक बहुत बड़ी भूमिका निभाता ट्रैफिक पाने में. इस लिए मैं आज आपलोगों को विस्तार से बताऊंगा कि आप कहाँ से अपने वेबसाइट या ब्लॉग के लिए Blogger Template खोज सकते हैं और Upload कर सकते हैं वो विल्कुल फ्री में.
How-To-Find-And-Upload-Blogger-Template-2016-In-Hindi
How-To-Find-And-Upload-Blogger-Template-2016-In-Hindi
मैं आपको इस पोस्ट "Blogger Template को कैसे खोजें तथा इसे Upload करें ( How To Find And Upload Blogger Template 2016 In Hindi )" में बताऊंगा कि आप कैसे अपने ब्लॉग में थोड़ी सी Changes करके इसके Look को Attractive बना सकते हैं. इसके लिए आपके अपने ब्लॉग का Template बदलना होगा. मैंने बताया था कि Blogspot का Blogger Template देखने में काफी Simple है और ये पाठकों पर इम्प्रैशन नहीं डाल पाता है, पर चिंता मत कीजिये हम इसे बदल सकते हैं अपनी इच्छा अनुसार बनाये हुए या फ्री में Download किये हुए Blogger Template से वो भी काफी आसानी से और बिना किसी तकनिकी ज्ञान के :)

तो आइये जानते हैं Blogspot का Blogger Template कहाँ से Download करते हैं ( How To Download Blogger Template In Hindi )

How To Download Blogger Template In Hindi 


इन्टरनेट पर बहुत सारी Websites उपलब्ध है जो आपको Free और Premium दोनों टेम्पलेट डाउनलोड करने का Option देती है. Premium का अर्थ है कि इसके लिए आपको कुछ पैसे देने होंगे जो Seller पर निर्भर करता है. इसे खरीदने के बाद आपको टेम्पलेट की Full Access मिलती है अर्थात अपनी इच्छा अनुसार कोई भी बदलाव कर सकते हैं इसके अलावे Seller की तरफ से आपको काफी सहायता प्रदान की जाती है इसके Installation तथा कोई और बदलाव करने में.परन्तु ये सुविधायें आपको Free Blogger Template के साथ नहीं मिलती साथ ही आपके ब्लॉग के निचे उस Websites का Footer Link भी देना होगा क्रेडिट के तौर पर. लेकिन इससे कोई ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है. अगर आप ब्लॉग्गिंग में नए हैं तो मैं आपको फिलहाल Free Blogger Template उपयोग करने का सलाह दूंगा. फिर आगे आप उसी Template को खरीद कर Full Access ले सकते हैं.

अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि Free Blogger Template Download कहाँ से किया जाये ( From Where You Should Download Free Blogger Template )

From Where You Should Download Free Blogger Template


मैं यहाँ पर कुछ प्रसिद्ध Websites की List दे रहा हूँ जहाँ से आप काफी अच्छे अच्छे Free Blogger Template डाउनलोड्स कर सकते हैं जिनका उपयोग मैं भी अपने अलग अलग Blog के लिए करता हूँ.



इसके अलावे आप चाहें तो Google की सहायता से भी Latest Free Templates डाउनलोड कर सकते हैं इसके लिए आपको गूगल के Search Box में लिखना होगा "Download Free Template 2016" और ये आपके सामने उन Websites की List रख देगा जो बिलकुल नया और बेहतर होगा. साथ ही आप इसे और अच्छी तरह से Search कर पाएंगे अगर इसके आगे आप अपने ब्लॉग का Subject जोड़ दें, अर्थात आपका ब्लॉग किस चीज के बारे में है. अगर आपका ब्लॉग Education के बारे में है तो आप लिख सकते हैं "Download Free Education Template 2015". इसमें Year लिखना काफी महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि इसी कारण वो आपको Latest टेम्पलेट Show करेगा.

Best Template कैसे चुनें.

वैसे तो इन्टरनेट पर ढेर सारे फ्री टेम्पलेट हैं इनमे से आप Best को कैसे चुन सकते हैं? मैं इसमें भी आपकी सहायता करना चाहूँगा. सबसे पहले आप उस Template की Live Demo जरुर देखें जिससे आपको ये पता चल जायेगा कि ये Template आपके ब्लॉग पर कैसा दिखेगा. इसके अलावे इसके Property में निम्नलिखित गुण अवश्य देखें.


  • SEO Friendly
  • Responsive
  • Ads Ready
  • Footer
  • Slider 

Template को Upload/Restore कैसे करें ?


जब आपने अपना प्रिय टेम्पलेट डाउनलोड कर लिया है तो अब आप जरुर उत्सुक होंगे की इसे अपने Blog पर Upload कैसे किया जाये. इसे Upload करना काफी आसान है पर इससे से पहले आपको ये जानना होगा कि आप जो भी Template इन्टरनेट से डाउनलोड करते हैं वो ZIP File में होती है और इसे Upload करने के लिए आपको इसे XML File में Convert करना होगा. अब सवाल ये है कि इसे XML File में Extract कैसे किया जाये. Don't Worry ये भी काफी आसान है और इसे आप अपने Computer पर इस एप्लीकेशन (Winrar) की सहायता से कर सकते हैं.
अब Step By Step जानते हैं Blogger Template को  Upload करने का तरीका

How To Upload Blogger Template Step By Step Guide In Hindi


Step 1. Blogger पर Sign In करके Template Tab चुनें.


अपने ब्लॉगर अकाउंट में Sign In करे तथा Picture में दिखाए अनुसार "Template" Tab पर क्लिक करें.
How-To-Find-And-Upload-Blogger-Template-2016-In-Hindi-Tab
Choose Template Tab

Step 2. Upload/Restore चुनें.

अब आप ऊपर के दायें कोने में Upload/Restore बटन देख रहे होगें. वहां पर क्लिक करें. स्क्रीनशॉट देखें.
How-To-Find-And-Upload-Blogger-Template-2016-In-Hindi-Do


Step 3. पिछले Template का बैकअप ले लें.

Upload/Restore बटन पर क्लिक करने के बाद एक अलग से Pop Up विंडो खुलेगा जिसमे सबसे पहले आप Download Full Template पर क्लिक करें. इससे आपका पिछला टेम्पलेट आपके कंप्यूटर में डाउनलोड हो जायेगा तथा कोई प्रॉब्लम होने पर आप इसे दुवारा अपलोड कर सकते हैं.
How-To-Find-And-Upload-Blogger-Template-2016-In-Hindi-Download

Step 4. XML File सेलेक्ट करें.

इसके बाद Choose File या Browse पर क्लिक करें तथा Extract किये हुए XML File को सेलेक्ट कर Open पर क्लिक करें.
How-To-Find-And-Upload-Blogger-Template-2016-In-Hindi-Choose-File
How-To-Find-And-Upload-Blogger-Template-2016-In-Hindi-Upload

Step 5. Upload करें.

इसके बाद Picture में दिखाए अनुसार Upload पर क्लिक करें.
How-To-Find-And-Upload-Blogger-Template-2016-In-Hindi-Open



कुछ क्षण में ही यह अपलोड हो जायेगा और अब आपका ब्लॉग नए रूप में उपस्थित है. View Blog पर क्लिक अपने नए Blog का लुक देखें और अपने ब्लॉग्गिंग यात्रा का Enjoy करें नए Free Blogger Template के साथ.

Must Read:
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सभी SIM (सिम) के Number जानने के लिए USSD Codes !

USSD-CODES-TO-KNOW-THE-NUMBER-OF-ALL-SIM-IN-HINDI


Hi Friends, हमें कभी कभी ऐसी परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है जब हमें अपने Mobile का SIM बदलना पड़ता है. ऐसे में एक चीज जो सबसे ज्यादा Tension देने वाली चीज होती है वो कि हर SIM का नंबर याद रखना. अपने जीवन में व्यस्त रहने के कारण हम अपना मोबाइल नंबर याद नहीं रख पाते हैं. या फिर आप के लिए अपने Mobile Number न याद रखने का कारण कोई भी हो, इसका हल एक ही हैं जो हर एक Service Provider देती है, वो है USSD Codes जिसके माध्यम से हम किसी भी SIM का Mobile Number जान सकते हैं.

अगर आप भी इसी समस्या से झुझ रहे हैं कि अपना Mobile Number बार बार भूल जाते हैं तो ये पोस्ट "USSD Codes to Know the Number of All SIM in Hindi" बिलकुल आपके लिए है.

सभी SIM (सिम) के Number जानने के लिए USSD Codes !

Airtel (एयरटेल) SIM Card के लिए डायल करें


  • *282#
  • *140*1600#

Telenor (टेलिनोर) SIM Card के लिए डायल करें.


  • *555#
  • *444#

Vodafone (वोडाफोन) SIM Card के लिए डायल करें.


  • *555#
  • *111*2#

Idea (आईडिया) SIM Card के लिए डायल करें.


  • *789#
  • *100#

Reliance (रिलायंस) SIM Card के लिए डायल करें.


  • *111#
  • *1#

Aircel (एयरसेल) SIM Card के लिए डायल करें.


  • *131#
  • *888#
  • *234*4#

Tata DoCoMo (टाटा डोकोमो) SIM Card के लिए डायल करें.


  • *580#
  • *124#

BSNL (बीएसएनएल) SIM Card के लिए डायल करें.


  • *99#
  • *222#
  • *1#

MTNL (एमटीएनएल) SIM Card के लिए डायल करें.


  • *8888#
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